मॉस्कोः विश्व हिंदी साहित्य परिषद द्वारा आयोजित 9वां अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन स्थानीय हॉलिडे इन के सभागार में आयोजित हुआ. इस सम्मेलन में भारत से 42 प्रतिनिधियों का एक दल शामिल हुआ तो अमेरिका से हिंदीसेवी इंद्रजीत शर्मा और अंजू शर्मा भी पधारे. विश्व हिंदी साहित्य परिषद द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में रूसी और भारतीय मूल के कई स्थानीय लेखकों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें डॉ गुजेल स्तरेलकोव, डॉ सफरमो तोलबी, ओलिसा मालसेवा, आईसीसीआर के प्रतिनिधि के रूप में राजकुमार, अजय कुमार, भारत सरकार की ओर से मॉस्को में हिंदी शिक्षक का दायित्व संभाल रहे सुशील कुमार आजाद, कुमार विनायक और रूसी-भारत मैत्री संघ के अध्यक्ष डॉक्टर रामेश्वर सिंह उल्लेखनीय हैं.
यह सम्मेलन कुल 4 सत्रों में विभाजित था. पहले सत्र में सम्मेलन का उद्घाटन, लोकार्पण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ हरीश नवल ने की और सानिध्य बनारस से पहुंची लेखिका डॉ मुक्ता का था. विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रेम भारद्वाज, ज्ञान भिक्षु, डॉ कृष्ण कुमार प्रजापति, डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव, विजय शंकर चतुर्वेदी, हर्षवर्धन आर्य और रामेश्वर सिंह भी मंच पर उपस्थित थे. सरस्वती वंदना का दायित्व आभा चौधरी ने निभाया. उद्घाटन सत्र में वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित कत्थक नृत्य की प्रस्तुति डॉ. नीलम वर्मा द्वारा की गई. रायपुर की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना अनुराधा दुबे ने गणेश वंदना की अत्यंत ही मोहक नृत्य प्रस्तुति दी. इस अवसर पर लगभग 12 पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ. यही नहीं इस अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की पत्रिका के नए अंक का विमोचन भी हुआ.
