लापरवाहियों से खंडित होता इतिहास
[अनंत विजय] आलोचक नामवर सिंह की एक जीवनी प्रकाशित हुई है, नाम है ‘अनल पाखी’। इस जीवनी को लिखा है अंकित नरवाल ने। इस पुस्तक में हिंदी के शिक्षक-लेखक विश्वनाथ त्रिपाठी [...]
[अनंत विजय] आलोचक नामवर सिंह की एक जीवनी प्रकाशित हुई है, नाम है ‘अनल पाखी’। इस जीवनी को लिखा है अंकित नरवाल ने। इस पुस्तक में हिंदी के शिक्षक-लेखक विश्वनाथ त्रिपाठी [...]
[कुमार अजय, वाराणसी] शिव व शक्ति के सायुज्य का केंद्र होते हुए भी काशी कभी भारतीय जीवन धारा के वाममार्गी मूल्यों के प्रति समर्पित नहीं हो सकी, इसलिए हिंदी साहित्य [...]
जागरण संवाददाता, वाराणसी : परतंत्र भारत में हिंदी के माथे की बिंदी बन उसे संरक्षित करने वाली नागरी प्रचारिणी सभा काशी का वैभव लौटेगा। प्रशासन की ओर से प्रबंध समिति [...]
जागरण संवाददाता, वाराणसी : हिंदी के उत्थान के लिए समर्पित नागरी प्रचारिणी सभा में लोकतंत्र बहाल होने जा रहा है। इसके प्रबंध समिति विवाद को खत्म करते हुए उप जिलाधिकारी [...]
नई दिल्ली: हिंदी के कालजयी कथाकार और समकालीन साहित्य में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रणी दूत नरेन्द्र कोहली के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक प्रकट किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी [...]
[अनंत विजय] पिछले दिनों नरेन्द्र कोहली की एक पुस्तक आई थी, ‘समाज जिसमें मैं रहता हूं’। उस पुस्तक की आरंभिक प्रतियों में से एक उन्होंने मुझे भिजवाई थी। ये उनके [...]
नई दिल्ली: हिंदी के ख्यात कहानीकार और आलोचक रमेश उपाध्याय का शनिवार सुबह दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। पिछले कई दिनों से वो कोरोना संक्रमित थे और [...]
हिंदी के कालजयी कथाकार नरेन्द्र कोहली का दिल्ली के सेंट स्टीफंस अस्पताल में निधन हो गया। वो एक सप्ताह पहले कोरोना से संक्रमित हो गए थे और पिछले शनिवार को [...]
[राजू मिश्र] डॉ.योगेश प्रवीन लखनऊ का ऐसा जीवंत स्मारक थे, जिससे जब जो चाहे पूछ लो, लिखवा लो। वस्तुत: वह अवध की साहित्यिक दौलत थे। लखनऊ के गजेटियर में भी शायद [...]
ऩई दिल्ली- वर्ष 2020 के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। हिंदी के लिए मशहूर कवयित्री अनामिका को उनके कविता संग्रह ‘टोकरी में दिगंत, थेरी गाथा’ [...]