तारीफ के बावजूद आलोचक ने जब कहा, साहित्य में मार्क्सवाद की अति से भी हमें बचना चाहिए
नई दिल्लीः हिंदी साहित्य का इतिहास: अध्ययन की नई दृष्टि विचारधारा और विमर्श व्याख्यानमाला का चौथा व्याख्यान चर्चित युवा आलोचक वैभव सिंह ने दिया. शिक्षा शृंखला के तहत काशी हिंदू [...]