साहित्यकार राज्याश्रित नहीं राजपुरस्कृत होना चाहिए, इससे सृजन-संस्कृति को संरक्षण मिलता है: प्रो शीतला प्रसाद दुबे
मुंबई: "साहित्यकार राज्याश्रित नहीं, बल्कि राजपुरस्कृत होना चाहिए. एक सच्चे साहित्यकार को पुरस्कृत कर उसे साहित्य सृजन और संस्कृति के संरक्षण करने हेतु प्रेरित करने का उत्तरदायित्व समाज और राष्ट्र का कर्तव्य [...]