मातृभाषाओं की शक्ति हमारी संस्कृति की शक्ति और तहजीब का आधार हैं

वाराणसीः काशी हिंदू विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय में 'मातृभाषा का महत्त्व और भूमिका' विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी हुई. उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रोफेसर अवधेश प्रधान [...]

2019-02-28T17:43:06+05:30

बनारस हमेशा नामवर सिंह की प्रसन्न सक्रियताओं का केंद्र रहा

वाराणसीः बनारस और नामवर, अपनी जन्मभूमि से साहित्य के इस  पुरोधा के नाते पर जितना भी कहा, लिखा जाए कम होगा. काशी हिंदू विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय में नामवर सिंह [...]

2019-02-28T17:06:03+05:30

मध्यकाल यूरोप के लिए अंधकार का युग, जबकि भारत का स्वर्णयुग: आशीष नंदी

नई दिल्लीः बात सूफ़ीज़्म और बुद्धिज़्म की हो तो दर्शन, समाज और साहित्य पर तो बात होगी ही, और कई नए आयाम भी खुलेंगे. 'साउथ एशियन फेस्टिवल ऑफ़ सूफ़ीज़्म एंड [...]

2019-02-28T17:05:27+05:30

‘अमृतलाल नागर- कथा लोक एवं लोक भाषा’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

लखनऊ: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग और अमृतलाल नागर सृजन पीठ, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की ओर से 'अमृतलाल नागर-कथा लोक और लोक भाषा' विषयक [...]

2019-02-28T16:50:20+05:30

स्वामी सहजानन्द सरस्वती, एक समाज सुधारक संत लेखक की याद

स्वामी सहजानन्द सरस्वती एक समाज सुधारक संत के साथ एक बड़े लेखक भी थे. उनका जन्म उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के देवा गांव में 22 फरवरी 1889 को  महाशिवरात्रि के [...]

2019-02-28T16:41:21+05:30

युवा पीढ़ी वरिष्ठ रचनाकारों को पढ़कर प्रेरणा लेंः ममता कालिया

नई दिल्ली: प्रख्यात लेखिका ममता कालिया का कहना है कि युवा पीढ़ी को अपने वरिष्ठ रचनाकारों को पढ़कर अवश्य प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने यह बात साहित्य अकादमी द्वारा उत्तर भारत [...]

2019-02-28T16:40:39+05:30

नामवर सिंह हिंदी के सर्वोत्तम वक्ता थे और माने भी जाते रहेंगे

नई दिल्लीः यह सभी जानते हैं कि साहित्य अकादमी ने चर्चित आलोचक डॉ नामवर सिंह को अपने सर्वोच्च सम्मान महत्तर सदस्यता से नवाजा था. उनके न रहने पर अकादमी ने [...]

2019-02-28T16:30:53+05:30

श्रद्धांजलि सभा में नामवर के विभिन्न रूपों का स्मरण

नई दिल्ली: हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष डॉ नामवर सिंह की याद में जब राजकमल प्रकाशन ने त्रिवेणी कला संगम में स्मृति सभा का आयोजन किया तो उसमें नामवर सिंह [...]

2019-02-28T15:12:18+05:30

राजघाट पर बुद्धिजीवियों का धरना

दिल्ली: इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती द्वारा पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए कायराना आतंकी हमले को लेकर छद्म बुद्धिजीवियों एवं कलाकारों द्वारा दिए गए देशविरोधी वक्‍तव्‍यों के विरोध में राजघाट [...]

2019-02-23T19:29:32+05:30

अरुंधति रॉय की किताब ‘अपार ख़ुशी का घराना’ में है क्या?

अरुंधति रॉय की किताब ‘अपार ख़ुशी का घराना’ हमें कई वर्षों की यात्रा पर ले जाता है. यह एक ऐसी कहानी है जो वर्षों पुरानी दिल्ली की तंग बस्तियों से [...]

2019-02-23T16:52:24+05:30
Go to Top