हरिवंश राय बच्चन, जिन्होंने गाया- मैंने गाकर दुख अपनाए!

हरिवंश राय बच्चन हिंदी के सबसे लोकप्रिय कवियों में एक हैं. आज उनकी जयंती है. 27 नवम्बर 1907 को हरिवंश राय का जन्म इलाहाबाद के पास बसे प्रतापगढ़ के एक [...]

2018-11-27T15:10:56+05:30

30 नवंबर से लखनऊ में ‘जागरण संवादी’

सनातन आराध्यों को लेकर हमेशा से बड़ी बहस होती रही है। कम्युनिस्ट इतिहासकार उन्हें काल्पनिक चरित्र कहते रहे हैं जबकि साधारण जन अवतार। लोक में प्रचलित कितनी ही मान्यताओं, परम्पराओं [...]

2018-11-27T10:38:20+05:30

युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच का पंचम अखिल भारतीय साहित्य महोत्सव सम्पन्न

नई दिल्लीः युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच ने अपना पंचम अखिल भारतीय साहित्य महोत्सव नई दिल्ली में मनाया. इस अवसर पर संगोष्ठी, सम्मान समारोह और पुस्तक लोकार्पण के विविध आयोजन हुए. [...]

2018-11-27T10:27:48+05:30

गालिब तो बड़े थे ही, उनके आलोचक भी कम नहीं, सौ साल बाद भी याद किए जा रहे

नई दिल्ली:  मिर्जा गालिब को भला कौन नहीं जानता, पर उनके आलोचक को भी सौ साल बाद भी याद किया जाना एक बड़ी बात है.  फ़े सीन एजाज़ का कहना [...]

2018-11-26T21:18:13+05:30

ऑनलाइन उपलब्ध होगी बल्देव भाई शर्मा की किताब ‘राष्ट्रीय चेतना के विविध आयाम’

नई दिल्लीः बल्देव भाई शर्मा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष के तौर पर इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें किताबें लिखने का मौका कब मिलता है, समझना मुश्किल, पर हाल [...]

2018-11-26T21:08:13+05:30

सलीम खान होने का मतलब

मुंबईः हाल ही में सलीम-जावेद वाले सलीम खान साहब का जन्मदिन गुजरा है। सलीम खान, यानी हिंदी सिनेमा का डॉयलाग लिखने वाली पहली सुपरहिट जोड़ी के एक ताकतवर नाम, जिन्होंने  [...]

2018-11-25T16:49:53+05:30

अब्दुर्रहमान बिजनौरी इंसानियत के सच्चे पुजारी थे: नारंग

नई दिल्ली: साहित्य अकादमी द्वारा अकादेमी सभाकक्ष में उर्दू के प्रतिष्ठित आलोचक अब्दुर्रहमान बिजनौरी के जीवन एवं कृतित्व पर आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन चर्चित उर्दू साहित्यकार डा. तक़ी आबिदी ने [...]

2018-11-25T16:17:51+05:30

बच्चों के हाथ में गैजेट्स की जगह किताबें हों, यह काम अभिभावकों का है

श्रीगंगानगर: राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत ने सृजन सेवा संस्थान और नोजगे पब्लिक स्कूल के सहयोग राजस्थान के श्रीगंगानगर में 'बाल साहित्य और पुस्तकें'विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें आरंभिक [...]

2018-11-23T22:39:17+05:30

कथाकार हिमांशु जोशी नहीं रहे, साहित्य जगत दुखी

नई दिल्लीः हिमांशु जोशी नहीं रहे. हिंदी के इस चर्चित कथाकार ने उपन्यास, कहानी संग्रह, कविता संग्रह, यात्रा-वृत्तांत, नाटक, बालसाहित्य जैसी सभी विधाओं में हाथ आजमाया था और लगभग चार [...]

2018-11-23T22:19:10+05:30

अब रंगमंच पर राजेंद्र राव की ‘चोखेर बाली’

नई दिल्लीः बंगला में ऋतुपर्णो घोष की एक फिल्म आई थी  'चोखेर बाली'. हिंदी के वरिष्ठ कहानीकार राजेंद्र राव की एक कहानी भी हंस पत्रिका के मार्च 2006 अंक में [...]

2018-11-23T22:18:37+05:30
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