नाटक और रंगमंच बच्चों की पाठ्यक्रम में शामिल हो: मेटा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित हुए बैरी जॉन
नई दिल्ली: रंगमंच के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए हर साल दिया जाने वाला मेटा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इस [...]
हिंदी साहित्य भारती की मध्यप्रदेश इकाई का गठन, जनपद स्तर भी ऑनलाइन बैठकें जारी
नई दिल्लीः साहित्यकारों को एक साथ एक मंच पर लाने एवं मातृभाषा हिंदी को बढ़ावा देकर साहित्यिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार [...]
महात्मा बुद्ध दुनिया के पहले संवादी शिक्षकः मनोज कुमार सिंह
नई दिल्लीः भारतीय नवजागरण में बौद्ध विचार को विकसित और विवेचित करने वाले विचारकों में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर का [...]
हिंदी अभिव्यक्ति है, संस्कृति है, प्रवृत्ति है, शक्ति हैः ‘साकेत संकुल’ के लोकार्पण अवसर पर शिक्षा मंत्री निशंक
नई दिल्लीः केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा में 56 शिक्षकों तथा अधिकारियों [...]
‘देशभक्ति पर लघु फिल्म प्रतियोगिता’ के विजेताओं को प्रकाश जावड़ेकर ने दी बधाई
नई दिल्लीः सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के साथ मिलकर स्वतंत्रता दिवस समारोह 2020 के एक [...]
काव्य तथा कलाएं संस्कारित करती हैं और चेतना हमें सम्पन्न बनाती है: राधावल्लभ त्रिपाठी
नई दिल्लीः 'भारतीय काव्यशास्त्र- एक विहंगम दृष्टि' वाणी प्रकाशन शिक्षा शृंखला के तहत आठवां व्याख्यान था. इस अवसर पर संस्कृत [...]
बैरियों का काल आ गया , देश में रफाल आ गयाः अदिति महाविद्यालय से योगा-ताली समूह तक आर्य के कविता की धूम
नई दिल्लीः विद्यालय भले ही बंद हैं, पर न तो कवियों की आवाज बंद है न ही छात्रों की उमंग. [...]
1990 के बाद का समय स्त्री विमर्श का एक नया उन्मुक्त और व्यापक दौर हैः रोहिणी अग्रवाल
नई दिल्लीः यह हिंदी साहित्य के शोधार्थियों और इतिहास व विमर्श में रूचि रखने वालों के लिए यह एक खास [...]
‘माटी की सुगन्ध’ समूह के रचनाकारों ने कहा, कोरोना संकट और राम मन्दिर निर्माण ने कवियों की बढ़ाई मेधा
नई दिल्लीः लॉकडाउन का संकट और राम मन्दिर निर्माण के आरंभ का आह्लाद कवियों के लिए उर्जा का काम कर [...]
राहत इंदौरी की याद में आयोजित ‘एक शाम राहत के नाम’ कार्यक्रम में माहौल हुआ जज़्बाती
भोपालः हिंदी के अग्रणी मंचीय कवि डॉ कुमार विश्वास का कहना है कि जब तक उर्दू शायरी की कायनात ज़िंदा [...]
कभी सुना था ऐसा लफड़ा, गुल का है बुलबुल से झगड़ा… जैसी शायरी लिखने वाले आकिल जौनपुरी की याद
कभी सुना था ऐसा लफड़ा, गुल का है बुलबुल से झगड़ा, कमजोरों को मार रहे क्यों, उससे निपटो जो है [...]
खतरे में पड़ गई थी जयपुर के ऐतिहासिक संग्रहालय की ढाई हजार साल पुरानी ‘ममी
जयपुर: स्थानीय रामनिवास बाग में अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को भारी बारिश से नुकसान पहुंचा है. राज्य के कला, साहित्य एवं [...]
