हरीश नवल, सत्यकेतु सांकृत और सुमन सिंह को मिला ‘उर्वशी सम्मान’
भोपालः रामायण केंद्र भोपाल तथा विश्व मैत्री मंच ने स्थानीय हिंदी भवन में आयोजित समारोह में वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. हरीश [...]
‘भारत के उत्थान में शिक्षा और साहित्य की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
नई दिल्लीः भारत उत्थान न्यास के तत्वावधान में आईटीओ स्थित हिंदी भवन में 'भारत के उत्थान में शिक्षा और साहित्य [...]
हैबिटैट फिल्म फेस्टिवल की 19 भाषाओं की 42 फीचर फिल्में
नई दिल्ली: चुनावी चकल्लस के बीच इंडिया हैबिटेट सेंटर में 14वें हैबिटैट फिल्म फेस्टिवल के सिनेमाई सफर का आरंभ अश्विन [...]
पटना मंत्रिमंडल सचिवालय से भागलपुर तक आचार्य द्विवेदी किए गए याद
पटनाः बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने अभिलेख भवन सभागार में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जयंती का आयोजन किया, जिसकीअध्यक्षता [...]
साहित्यकारों को तरजीहः उमर खय्याम की 971वीं जयंती पर गूगल का डूडल
नई दिल्लीः सर्च इंजन गूगल भी अब साहित्यकारों को तबीयत से तरजीह देने लगा है. उमर खय्याम की 971वीं जयंती [...]
पुस्तकालयों के महत्त्व पर संगोष्ठीः समाज के अंतिम व्यक्ति तक पुस्तकों की पहुंच हो
नई दिल्लीः दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी तथा गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के संयुक्त तत्त्वावधान में डॉ बीएन पांडे सभागार में [...]
‘जामिया दर्पण’ के लोकार्पण के साथ काव्य गोष्ठी संपन्न
नई दिल्लीः जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय हिंदी को बढ़ावा देने के प्रयास में अन्य विश्वविद्यालयों से कदमताल कर रहा है. [...]
आयाम के वार्षिकोत्सव की रूपरेखा तैयार, नारी शक्ति को बढ़ावा देने पर जोर
पटनाः हिंदी व मैथिली की यशस्वी साहित्यकार डॉ उषाकिरण ख़ान ने नारी शक्ति को आखर की ताकत से जोड़ने के [...]
साहित्य और सियासत: पार्टनर तुम्हारी पॉलिटक्स क्या है? विषय पर परिचर्चा
नई दिल्लीः वाणी प्रकाशन ने अपने कार्यालय स्थित प्रेमचंद सभागार में 'साहित्य और सियासत: पार्टनर तुम्हारी पॉलिटक्स क्या है?' विषय [...]
सहारनपुर में डॉ आर के सैनी की स्मृति में ‘हाइकु गौरव’ पुरस्कार
सहारनपुरः हिंदी में हाइकु व्यवस्थित लेखन तो काफी पहले से शुरू हो गया था और कई लेखक इस दिशा में [...]
मनीषा कुलश्रेष्ठ को मिलेगा बिहारी पुरस्कार
नई दिल्ली- हिंदी की चर्चित लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ को वर्ष 2018 का ‘बिहारी पुरस्कार’ देने की घोषणा की गई है। [...]
‘बिरहा’ के हीरो हीरालाल पूरबिया लोकसंगीत को उदास कर चले गए
उन्नीस सौ साठ और सत्तर के दशक में पूर्वांचल का शायद ही ऐसा कोई शख्स हो, जिसका बचपन हीरा और [...]
