और बाबा नागार्जुन के ‘रेखन सौ जादू भरै, कलाकार हरिपाल’ नहीं रहे
वरिष्ठ चित्रकार, हिंदी कवि, सुलझे गद्यकार और बहुत ही अच्छे इनसान हरिपाल त्यागी का निधन हो गया. यह साहित्य, कला [...]
वेद प्रकाश तिवारी के कविता संग्रह ‘बादल से वार्तालाप’ का लोकार्पण
आराः प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से स्थानीय बाल हिंदी पुस्तकालय में युवा कवि वेद प्रकाश तिवारी के कविता संग्रह [...]
नागरिक नैतिकता ही सांस्कृतिक वर्चस्व का तोड़ः ज्योतिष जोशी
नई दिल्लीः दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तत्वावधान में 'मीडिया, भाषा, समाज [...]
डॉ गरिमा संजय दुबे के पहले कहानी संग्रह ‘दो ध्रुवों के बीच की आस’ का लोकार्पण
इंदौरः वामा साहित्य मंच के तत्वावधान में डॉ. गरिमा संजय दुबे के प्रथम कहानी संग्रह 'दो ध्रुवों के बीच की [...]
राकेश रेणु का कविता-पाठ और काव्य-संग्रह ‘इसी से बचा जीवन’ पर परिचर्चा
नई दिल्लीः एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स एंड लिटरेचर के अप्रैल महीने के मासिक साहित्यिक कार्यक्रम डॉयलाग में प्रख्यात आलोचक मैनेजर [...]
मोहनदास नैमिशराय की आत्मकथा ‘रंग कितने संग मेरे’ का लोकार्पण एवं परिचर्चा
नई दिल्लीः वाणी प्रकाशन ने लेखक मोहनदास नैमिशराय की आत्मकथा 'रंग कितने संग मेरे' का लोकार्पण एवं परिचर्चा आयोजित की. [...]
मैं अपने आपको आवाज़ देता रहता हूंः जाना फैयाज़ रश्क़ का!
मुंगेरः फैयाज़ रश्क़ नहीं रहे. कवि ध्रुव गुप्त ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर साहित्यप्रेमियों के साथ इस सूचना को [...]
साहित्य, कला और संगीत को समर्पित मासिक बैठकी ‘चौपाल’ में जमा रंग
मुंबईः महाराष्ट्र के साहित्य, संस्कृति और कलाप्रेमी मासिक बैठकी करते हैं 'चौपाल' के नाम से. कथाकार गंगाशरण सिंह इस आयोजन [...]
सरोकार विशेष में ‘गांधी के विरुद्ध दुष्प्रचार का सच’ विषयक व्याख्यान आयोजित
मुजफ्फरनगर: महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मुजफ्फरनगर के डी.ए.वी. इंटर कालेज में 'सरोकार विशेष' के अन्तर्गत [...]
‘अजनबी जज़ीरा’ पर नासिरा शर्मा से कुसुम अंसल का संवाद
नई दिल्लीः वरिष्ठ कथाकार नासिरा शर्मा को किसी अलहदा परिचय की दरकार नहीं है. 'संवाद' ने नासिरा शर्मा के उपन्यास [...]
सरकार की योजनाओं के मूल्यांकन का दावा
देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं। ऐसे में सरकार व प्रधानमंत्री के कामकाज का मूल्यांकन करती पुस्तकों के आने [...]
मिथिला से शास्त्रार्थ परंपरा समाप्त हो रही हैः सतीश चंद्र झा
पटनाः मिथिला से शास्त्रार्थ परंपरा समाप्त हो रही है. मिथिला कभी धन के लिए नहीं जानी गई. यह हमेशा विद्या, [...]
