अल्पना मिश्रा के उपन्यास ‘अस्थि फूल’ पर परिचर्चा
नई दिल्ली: चर्चित लेखिका अल्पना मिश्रा के उपन्यास अस्थि फूल पर राजधानी के हिंदी भवन में एक परिचर्चा का आयोजन [...]
संस्कार भारती ने सम्मान समारोह के साथ कराया कवि सम्मेलन
आगरा: संस्कार भारती अपने साहित्यिक, सांस्कृतिक आयोजनों को छोटे कस्बों और गांवों तक ले जाने का काम कर रही है। [...]
‘नाच: लोक उत्सव’: राजधानी दिल्ली पर चढ़ा बिहार का रंग
नई दिल्लीः हिंदी रंगभूमि, रज़ा फाउण्डेशन और संगीत नाटक अकादेमी के संयुक्त सहयोग से मंडी हाउस के रविंद्र भवन स्थित [...]
‘कला के विविध आयाम’ संगोष्ठी में पढ़े गए 85 शोध पत्र
लखनऊः उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी ने दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ‘कला के विविध आयाम' विषय पर [...]
मुरादाबाद में ‘जश्ने माहेश्वर तिवारी’ संपन्न, कई युवा साहित्यकार भी सम्मानित
मुरादाबादः शहर की साहित्यिक संस्था 'ग़ज़ल एकेडमी' ने नगर निगम के सभागार में 'जश्ने माहेश्वर तिवारी' का आयोजन किया. यह [...]
‘देह ही देश’ मनुष्यता की बेदखली का इतिहासः संवाद-परिसंवाद में प्रो चंद्रकला त्रिपाठी
वाराणसीः काशी हिंदू विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग और प्रगति लेखक संघ वाराणसी ने संयुक्त रूप से 'संवाद-परिसंवाद' [...]
भारतीय मूल की फिजी की युवा कवयित्री श्वेता दत्त चौधरी के कविता संग्रह का लोकार्पण
नई दिल्लीः फिजी गणराज्य के स्थानीय दूतावास में राजदूत योगेश पुंजा ने भारतीय मूल की युवा कवयित्री श्वेता दत्त चौधरी [...]
संबलपुर विश्वविद्यालय में ‘गांधी दर्शन और हिंदी साहित्य’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
संबलपुरः ओड़िशा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का एक खास नाता रहा है, इसीलिए वहां के साहित्यिक- अकादमिक जगत में उन्हें [...]
भारत की नारियां प्रकृति और संस्कृति की कहानियां गढ़ती हैंः मृदुला सिन्हा
पटनाः बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन ने हिंदी के लिए कार्य कर रही 100 विदुषियों को एक साथ एक मंच पर [...]
‘अपनी काव्य प्रतिभा को कैसे निखारें’ विषय पर छात्रों ने दिखाए हुनर
नई दिल्लीः युवाओं की साहित्य के प्रति जिज्ञासा अगर देखनी हो तो हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं के छात्रों और [...]
मानबहादुर सिंह लहक सम्मान मधुरेश और कान्तिकुमार जैन को
कोलकाता: सामाजिक व साहित्यिक सरोकारों की पत्रिका लहक द्वारा दिया जाने वाला मानबहादुर सिंह लहक सम्मान अगले वर्ष मधुरेश और [...]
युद्धरत आम आदमी की आवाज रमणिका गुप्ता नहीं रहीं
नई दिल्लीः अपनी पत्रिका 'युद्धरत आम आदमी' की तर्ज पर जीवन भर आदिवासी अधिकारों की पक्षधर रही साहित्यकार और नारीवादी [...]
