बीएचयू के महिला महाविद्यालय में साहित्य, संगीत के बीच कैंसर की बात
वाराणसीः साहित्य, शब्द, संगीत और कैंसर का कोई आपसी तालमेल सीधे नहीं दिखता, पर अच्छा साहित्य, प्रेम के दो शब्द, [...]
बलदेव वंशी की स्मृति में व्यंग्य यात्रा ने किया आयोजन
नई दिल्लीः जमीन से जुड़े यायावर कवि डॉ बलदेव वंशी की स्मृति में एक कार्यक्रम का आयोजन उनके सभी मित्रों [...]
और साहित्योत्सव के आखिरी दिन छलक उठा ट्रांसजेंडर कवियों का दर्द
नई दिल्ली: साहित्य अकादमी ने 'साहित्योत्सव' के दौरान एक नया इतिहास रचा. वह था राजधानी दिल्ली में पहली बार ट्रांसजेंडर [...]
सरकारी स्कूल में पढ़कर भी अच्छा काम किया जा सकता है- संजय कुमार
पटना: पटना साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन एक सत्पर में " कटिहार टू कैनेडी" विषय पर चर्चा हुई। इली नाम से [...]
बच्चों के लिए विशेष आयोजन तथा ‘भारत में प्रकाशन की स्थिति’ पर चर्चा के साथ संपन्न हुआ ‘साहित्योत्सव’
नई दिल्ली: साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 'साहित्योत्सव' का छठा एवं अंतिम दिन बच्चों के लिए खास रहा. बाल गतिविधियों के [...]
लघु फिल्मों पर अभी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता – विनोद अनुपम
पटना: दैनिक जागरण के सहयोग से आयोजित पटना लिटरेचर फेस्टिवल में फिल्मों और गीतों पर भी कई सत्र हुए। ऐसा [...]
दुनिया को बचाने के लिए गांधी के अलावा कोई विकल्प नहीं- हरिवंश
पटना, पटना लिटरेचर फेस्टिवल में एक बेहद दिलचस्प सत्र हुआ जिसका विषय था- महात्मा की महिमा। इस सत्र में राज्यसभा के उपसभापति [...]
‘उद्भव’ के आयोजन में 25 रचनाकारों ने किया कविता-पाठ
नई दिल्लीः सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्था 'उद्भव' के तत्वावधान में भारतीय गणतंत्र को समर्पित एक साहित्यिक काव्य-संध्या का आयोजन [...]
भारत -पाकिस्तान की दरारों ने बेगम अख्तर की गायकी प्रभावित किया- त्रिपुरारी शरण
पटना: दैनिक जागरण के सहयोग से आयोजित पटना लिटरेचर फेस्टिलल में बेगम अख्तर की गायकी पर एक बेहतरीन सत्र का [...]
नाटक अपने में कई विधाओं को समेटे हुए हैः रामगोपाल बजाज
नई दिल्लीः साहित्योत्सव के दौरान एक महत्त्वपूर्ण परिचर्चा 'नाट्य लेखन का वर्तमान परिदृश्य' पर केंद्रित थी, जिसका उद्घाटन वक्तव्य रामगोपाल [...]
‘हम हशमत की याद में’ स्मृति सभा का आयोजन
नई दिल्ली: राजकमल प्रकाशन समूह ने 'हम हशमत की याद में' नामक एक स्मृति सभा का आयोजन किया, जिसकी शुरुआत [...]
सोशल मीडिया ने साहित्य को लोकतांत्रिक बनाया है- अनिल धारकर
पटना: पटना साहित्य महोत्सव में समानांतर सत्र के दूसरे सेशन का विषय था " लोकतांत्रिक साहित्य बनाम साहित्यिक लोकतंत्र ' । [...]
