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ई-संवादी2023-02-03T16:12:06+05:30

नवीन जोशी को ‘गिर्दा स्मृति सम्मान’

By |October 24th, 2018|Categories: ई-संवादी|

लखनऊ: पत्रकार-लेखक नवीन जोशी के उपन्यास ‘दावानल’ को उत्तराखंड के जनकवि गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’ की स्मृति में दिये जाने वाले [...]

‘समसामयिक हिंदी साहित्य में चेतना के स्वर’ विषय पर संगोष्ठी

By |October 24th, 2018|Categories: ई-संवादी|

बेंगलुरू: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सहयोग से बेंगलुरू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आगामी 30 और 31 अक्तूबर को 'समसामयिक [...]

‘शब्द निष्ठा सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण’ संपन्न

By |October 24th, 2018|Categories: ई-संवादी|

अजमेरः 'व्यंग्य यात्रा' गंभीर एवं सार्थक व्यंग्य की दिशा में चर्चित व्यंग्यकार प्रेम जनमेजय की अगुआई में सक्रिय मिशनरी अभियान [...]

गीतकार विशुद्धानंद की याद में स्मृति सभा

By |October 23rd, 2018|Categories: ई-संवादी|

पटना ।  चर्चित गीतकार व लेखक विशुद्धानंद की पहली पुण्यतिथि पटना में मनाई गई। इसमें विशुद्धानंद को जानने वाले कई [...]

समय का दर्पण हैं ‘सुशील कुमार फुल्ल की लोकप्रिय कहानियां’

By |October 23rd, 2018|Categories: ई-संवादी|

नई दिल्लीः प्रभात प्रकाशन ने अपनी लोकप्रिय कहानी शृंखला के तहत 'सुशील कुमार फुल्ल की लोकप्रिय कहानियां' प्रकाशित की हैं. [...]

कृष्णमोहन मिश्र के उपन्यास ‘रामकथा’ का विमोचन

By |October 23rd, 2018|Categories: ई-संवादी|

लखनऊ: कृष्णमोहन मिश्र के उपन्यास ‘रामकथा’ का विमोचन उत्तर प्रदेश पर्यटन भवन के सभागार में हुआ. विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि [...]

‘नदी संस्कृति और भारतीय साहित्य’ पर इंदौर में संगोष्ठी

By |October 22nd, 2018|Categories: ई-संवादी|

इंदौर: श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर और साहित्य अकादमी आगामी 27 अक्तूबर को इंदौर में 'नदी संस्कृति और [...]

‘किससे चलते हैं बिल्ली के पांव पर’ के बहाने गणेश गनी के लेखन कर्म पर चर्चा

By |October 22nd, 2018|Categories: ई-संवादी|

चंडीगढ़: किस्सागोई के अंदाज में हिमाचल के बड़े लेखक गणेश गनी ने अपनी अनूठी शैली में स्मृतियों की यात्रा के [...]

‘साठोत्तरी कहानियों में महिला कथाकारों की भूमिका’ का लोकार्पण हुआ

By |October 22nd, 2018|Categories: ई-संवादी|

आरा: स्थानीय ग्रांड होटल के सभागार में सुपरिचित लेखिका मीरा श्रीवास्तव की आलोचना पुस्तक 'साठोत्तरी कहानियों में महिला कहानीकारों की भूमिका' [...]

वर्तमान समय व रंगमंच की चुनैतियाँ का आयोजन

By |October 22nd, 2018|Categories: ई-संवादी|

 पंडारक, बाढ़: पटना जिले में बाढ़ के वास स्थित ऐतिहासिक गांव  पंडारक  अपनी  रंगमंचीय गतिविधियों के लिए विख्यात है। इस गांव [...]

विषय के अनुरूप रंगों का संयोजन करती हूं- अर्चना

By |October 21st, 2018|Categories: ई-संवादी|

अर्चना बिहार के समकालीन कला परिदृश्य में प्रमुख नाम है।पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर काफी संघर्ष के बाद अर्चना ने एक [...]

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