‘वर्ल्ड पोएट्री मूवमेंट’ के तहत पुस्तक विमोचन एवं कविता पाठ
विदिशा। साहित्य और संस्कृति पर केंद्रित वर्ल्ड पोयट्री मूवमेंट और मध्यप्रदेश हिदी साहित्य सम्मेलन के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय [...]
डॉ कुमार विमल व सेठ गोविंद दास को साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धा से किया स्मरण
पटना, 15 अक्टूबर। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन ने आज सौदर्यशास्त्री कुमार विमल और हिंदीसेवी सेठ गोविंद दास की स्मृति में [...]
प्रोफेसर मंगला कपूर के एकल देवी गीत गायन से सजी शाम
वाराणसीः साहित्य और सृजन का लोक संगीत और देवी पूजा से बेहद पुराना नाता है. हिंदी में तो इसकी परंपरा [...]
नियमित नया नाटक करने का जुनून और लगन का नाम उदय कुमार
दानापुर, उदय कुमार ने हर शनिवार दानापुर रेलवे स्टेशन के सामने नया नुक्कड़ नाटक करने का अभूतपूर्व रिकार्ड कायम किया है। [...]
भारतीयता का ‘निराला’ स्वर
15 अक्तूबर को महाप्राण निराला की पुण्यतिथि है। इस मौके पर युवा समीक्षक पियूष द्विवेदी ने उनकी कविताओं के बहाने [...]
जब ‘व्यंग्य’ से ठहर से गए कटु सत्य को ‘काव्य’ ने दिशा दी
नई दिल्ली: व्यंग्य और कविता, साहित्य की दो ऐसी विधाएं, जो शिल्प और शैली में अलग होते हुए भी उद्देश्य [...]
युवा कवि मुकेश का पहला काव्य संग्रह ‘तेरा मज़हब क्या है चांद’
युवा कवि मुकेश कुमार सिन्हा का पहला काव्य संग्रह ‘तेरा मज़हब क्या है चांद‘ का प्रकाशन अविधा प्रकाशन, मुजफ्फरपुर से [...]
चंद्र सारंग की साधिका पद्म विभूषण अन्नपूर्णा देवी नहीं रहीं
मुंबई: संगीत उनके खून में और सुर साधना सांसों में थी. मैहर घराने की बेटी पद्म विभूषण अन्नपूर्णा देवी की [...]
‘पलायन की पीड़ा’ पर दिल्ली विश्वविद्यालय में विचार गोष्ठी
नई दिल्लीः दिल्ली विश्वविद्यालय के क्लस्टर इनोवेशन सेंटर में बिहार स्टडी सर्कल ने 'पलायन की पीड़ा’ पर एक दिवसीय गोष्ठी [...]
कव्वाली व नुसरत फतेह अली खानः सुरों के धड़कन बन जाने की दास्तान
हिंदी और उर्दू ही नहीं किसी भी भाषा के विकास में लोक संगीत का महत्त्व सर्वविदित है. आज सूफी शैली [...]
पं रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी के लिए कुबेर का ख़ज़ाना छोड़ा है : रविशंकर प्रसाद
पटना, हिन्दी-समालोचना के शिखर पुरुष पं रामचंद्र शुक्ल की 135 वीं जयंती पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में एक समारोह आयोजित [...]
‘षष्टम काव्यांकुर काव्य-संध्या में जुटे रचनाकार
नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में किताबों का लोकार्पण और काव्य संध्या का आयोजन आम है, इसीलिए किसी भी [...]
