कितने फीके होते हिंदी के सुर गर लता मंगेशकर न होतीं
नई दिल्लीः स्वर साम्राज्ञी, भारत रत्न और अपने हिंदी गानों से लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाली मशहूर गायिका लता [...]
हिंदी को बढ़ाने में बाजार की बड़ी भूमिका
नई दिल्लीः शहीदों की स्मृति को भाषा और संस्कृति से जोड़ने का अमर शहीद डॉ शिवपूजन राय प्रतिष्ठान्न का यह [...]
मन की उंगलियां पकड़कर चलना सहज लगता है-गुलरेज शहजाद
मोतिहारी के चर्चित युवा कवि व शायर गुलरेज शहजाज़ ने सृजन की दुनिया में एक विशिष्ट मुकाम हासिल किया है। [...]
फिल्म ‘मंटो’ की स्पेशल स्क्रीनिंग और किताब प्रदर्शनी
नई दिल्ली: अपने दौर के सर्वाधिक उद्दाम या खुले लेखकों में से एक उर्दू के बड़े लेखक सआदत हसन मंटो [...]
साहित्य अकादेमी के ‘भारत-चीन साहित्य मंच’ में जुटे दिग्गज
नई दिल्लीः भारतीय साहित्य को विश्व साहित्य और उसके परिदृश्य पर स्थापित करने की दिशा में साहित्य अकादमी समय-समय पर [...]
हिंदी पखवाड़े में पुराने के साथ नए कवियों को भी मिला मंच
नई दिल्ली: भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के निर्देशन में संचालित भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और विश्व हिंदी साहित्य परिषद् [...]
राकेश तिवारी की नई किताब ‘पवन ऐसा डोलै’
नई दिल्लीः भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त राकेश तिवारी को प्रकृति, पुरातत्व और इतिहास से इस कदर [...]
अब नहीं गूंजेगी ‘राजपथ से मैं जसदेव सिंह बोल रहा हूं’ की आवाज
यह एक विचित्र संयोग था कि कल जब राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों खेल जगत की [...]
कवि बोधिसत्व की कविता ‘लक्ष्य देखना’
बोधिसत्व अपनी पीढ़ी के बेहद समर्थ कवि हैं। उनकी कविताएं कहन की दृष्टि से बेहद प्रौढ होती हैं। इनके अबतक [...]
नवजागरण प्रकाशन की 6 पुस्तकों का लोकार्पण, काव्य-गोष्ठी व सम्मान समारोह
नई दिल्लीः किसी भी प्रकाशन के लिए अपने ढेर सारे लेखकों को एक मंच पर जुटाना, उनका सम्मान करना और [...]
भगवानदास मोरवाल के ‘हलाला’ की नाट्य-प्रस्तुति के बाद अब बनेगी फिल्म भी!
नई दिल्लीः यह शाम राजधानी के कला, रंगमंच और साहित्यिक हलके में किसी उत्सव से कम नहीं थी. मजहब, जेंडर और [...]
दिनकर की कविताओं के केंद्र में राष्ट्र था- तरुण कुमार
बेगूसराय, दिनकर जयंती के अवसर पर 23 सितम्बर को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के साझा प्रयास से [...]
