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ई-संवादी2023-02-03T16:12:06+05:30

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में शिवानी सेंटर द्वारा तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव ‘अक्षर’ का शानदार आगाज

By |October 18th, 2023|Categories: ई-संवादी|

कानपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव 'अक्षर' के दूसरे संस्करण का शानदार आगाज हो चुका है. इस महोत्सव [...]

स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जितना योगदान था, उतना ही साहित्य के विकास में मुंशी प्रेमचंद का भी

By |October 18th, 2023|Categories: ई-संवादी|

नोवामुंडी: स्थानीय नोवामुंडी कालेज में 'हिंदी साहित्य के विकास में प्रेमचंद का योगदान' विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्य [...]

हिंदी भाषा साहित्य के आधुनिक काल का प्रारंभिक इतिहास कोलकाता में घटित हुआ: डा कृष्ण बिहारी मिश्र

By |October 14th, 2023|Categories: ई-संवादी|

कोलकाताः स्थानीय भारतीय संस्कृति संसद के सभागार में भारतीय विद्या मंदिर कोलकाता द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'हिंदी भाषा साहित्य में बंगालेर अवदान' का [...]

हर भाषा की एक शक्ति होती है, हमें अपनी भाषा की शक्ति का अहसास होना जरूरी: प्रो फ्रेंचेस्का ओर्सिनी

By |October 14th, 2023|Categories: ई-संवादी|

नई दिल्ली: हिंदी में समाजविज्ञान और मानविकी की पूर्व-समीक्षित त्रैमासिक पत्रिका 'सामाजिकी' का पहला व्याख्यान इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एनेक्सी हाल में [...]

भारत और इंडोनेशिया के बीच कला-संस्कृति, ज्ञान, सूचना और व्यापारिक आदान-प्रदान पर परिचर्चा

By |October 14th, 2023|Categories: ई-संवादी|

नई दिल्ली: "भारत और इंडोनेशिया के बीच कला-संस्कृति के साथ ही संवर्धन के तमाम विषयों को समाहित करने हुए ज्ञान, सूचना और [...]

कबीरदास और रैदास के साहित्य से जुड़ी हैं जिस लेखन की जड़ें: ‘दलित साहित्य की प्रासंगिकता’ विषय पर संगोष्ठी

By |October 12th, 2023|Categories: ई-संवादी|

प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद गतिविधि केंद्र के सभागार में वाणी प्रकाशन की ओर से आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी में 'दलित [...]

नदियों को सुय्या वैसे नचाते थे जैसे संपेरा सांप को: राष्ट्रपति मुर्मु ने कश्मीरी साहित्य की कथा का किया जिक्र

By |October 12th, 2023|Categories: ई-संवादी|

श्रीनगर: "सतत विकास का सबक कश्मीर की विरासत का हिस्सा है. यहां की एक कहावत है 'अन् पोशि तेलि, येलि वन् पोशि' यानी तभी [...]

प्रभा खेतान फाउंडेशन अब लंदन में ‘कलम-ओ-उत्सव’ के रूप में मना रहा भारतीय साहित्य और संस्कृति का जश्न

By |October 12th, 2023|Categories: ई-संवादी|

कोलकाता: प्रभा खेतान फाउंडेशन भारत की सभ्यता, संस्कृति, कला, साहित्य और भाषा के पूरे दिन का जश्न लंदन में मना रहा है. 15 अक्तूबर को [...]

देश की विविधता ही है असली राष्ट्रवाद: ‘सभा’ की ‘राष्ट्र, राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद’ विषयक परिचर्चा में वक्ता

By |October 12th, 2023|Categories: ई-संवादी|

नई दिल्ली: राष्ट्र और देश दोनों के अलग-अलग अर्थ हैं. उसी तरह राष्ट्रवाद और देशभक्ति में भी अंतर है. आज [...]

एक कलाकार के पास केवल दर्शकों का प्यार और तालियां होती हैं: रतनव नाट्य रंगोत्सव में रमा पांडे

By |October 12th, 2023|Categories: ई-संवादी|

नई दिल्ली: दिल्ली के सांस्कृतिक केंद्र मंडी हाउस के श्री राम सेंटर में रतनव द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य रंगोत्सव [...]

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 40 से अधिक लोगों को किया सम्मानित, जिनमें भोजपुरी के भावुक भी

By |October 12th, 2023|Categories: ई-संवादी|

छपरा: "किसान और शिक्षा दोनों ही समाज की जरूरी अंग हैं और दोनों का विकास होना जरूरी है. तभी समाज, जिला, राज्य और [...]

दलित साहित्य अकादमी ने डा सोहनपाल सुमनाक्षर का 84वां जन्मदिन दलित साहित्य दिवस के रूप में मनाया

By |October 11th, 2023|Categories: ई-संवादी|

पौड़ी गढ़वाल: भारतीय दलित साहित्य अकादमी गढ़वाल मंडल ने पदमपुर कोटद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय दलित साहित्य अकादमी [...]

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