कितने फीके होते हिंदी के सुर गर लता मंगेशकर न होतीं

नई दिल्लीः स्वर साम्राज्ञी, भारत रत्न और अपने हिंदी गानों से लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाली मशहूर गायिका लता मंगेशकर का 89वां जन्मदिन है और सोशल मीडिया पर क्या आम [...]

2018-09-29T14:07:33+05:30

हिंदी को बढ़ाने में बाजार की बड़ी भूमिका

नई दिल्लीः शहीदों की स्मृति को भाषा और संस्कृति से जोड़ने का अमर शहीद डॉ शिवपूजन राय प्रतिष्ठान्न का यह अद्भुत आयोजन था, जिसमें समूचा गांधी शांति प्रतिष्ठान्न का सभागार [...]

2018-09-29T13:58:19+05:30

मन की उंगलियां पकड़कर चलना सहज लगता है-गुलरेज शहजाद

मोतिहारी के चर्चित युवा कवि व शायर गुलरेज शहजाज़ ने सृजन की दुनिया में एक विशिष्ट मुकाम हासिल किया है। गुलरेज फिल्म मीडिया, रंगमंच और पत्रकारिता  से भी गहरे सम्बद्ध [...]

2018-09-29T13:48:11+05:30

फिल्म ‘मंटो’ की स्पेशल स्क्रीनिंग और किताब प्रदर्शनी

नई दिल्ली: अपने दौर के सर्वाधिक उद्दाम या खुले लेखकों में से एक उर्दू के बड़े लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन और रचनाओं पर बनी फिल्म 'मंटो' इनदिनों खूब [...]

2018-09-29T13:37:29+05:30

साहित्य अकादेमी के ‘भारत-चीन साहित्य मंच’ में जुटे दिग्गज

नई दिल्लीः भारतीय साहित्य को विश्व साहित्य और उसके परिदृश्य पर स्थापित करने की दिशा में साहित्य अकादमी समय-समय पर विभिन्न देशों के साहित्यिक प्रतिनिधियों के साथ मेल-मुलाकात के आयोजन [...]

2018-09-27T13:27:10+05:30

हिंदी पखवाड़े में पुराने के साथ नए कवियों को भी मिला मंच

नई दिल्ली: भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के निर्देशन में संचालित भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और विश्व हिंदी साहित्य परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवारे के दौरान सफलतापूर्वक एक [...]

2018-09-26T18:20:44+05:30

राकेश तिवारी की नई किताब ‘पवन ऐसा डोलै’

नई दिल्लीः भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त राकेश तिवारी को प्रकृति, पुरातत्व और इतिहास से इस कदर प्यार रहा कि अपने समूचे सेवाकाल के अनुभवों को जब-तब [...]

2018-09-26T14:51:52+05:30

अब नहीं गूंजेगी ‘राजपथ से मैं जसदेव सिंह बोल रहा हूं’ की आवाज

यह एक विचित्र संयोग था कि कल जब राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों खेल जगत की नामचीन हस्तियां सम्मानित हो रही थीं, तब अपनी दमदार आवाज [...]

2018-09-26T13:29:53+05:30

कवि बोधिसत्व की कविता ‘लक्ष्य देखना’

बोधिसत्व अपनी पीढ़ी के बेहद समर्थ कवि हैं। उनकी कविताएं कहन की दृष्टि से बेहद प्रौढ होती हैं। इनके अबतक चार कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। 1991 में जब [...]

2018-09-26T12:28:28+05:30

नवजागरण प्रकाशन की 6 पुस्तकों का लोकार्पण, काव्य-गोष्ठी व सम्मान समारोह

नई दिल्लीः किसी भी प्रकाशन के लिए अपने ढेर सारे लेखकों को एक मंच पर जुटाना, उनका सम्मान करना और उनकी पुस्तकों का एक साथ लोकार्पण कराना एक बड़ी बात [...]

2018-09-25T20:35:16+05:30
Go to Top