भगवानदास मोरवाल के ‘हलाला’ की नाट्य-प्रस्तुति के बाद अब बनेगी फिल्म भी!

नई दिल्लीः यह शाम राजधानी के कला, रंगमंच और साहित्यिक हलके में किसी उत्सव से कम नहीं थी. मजहब, जेंडर और क्षेत्र की दीवार यहां ढह चुकी थी, और सबके बीच [...]

2018-09-25T20:35:00+05:30

दिनकर की कविताओं के केंद्र में राष्ट्र था- तरुण कुमार

बेगूसराय, दिनकर जयंती के अवसर पर 23 सितम्बर को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के साझा प्रयास से दिनकर भवन, बेगूसराय में विचार गोष्ठी एवं कविता-पाठ का आयोजन [...]

2018-09-24T20:18:41+05:30

‘हिंदी, हिंदू, हिदुस्तान’ का नारा देने वाले प्रतापनारायण मिश्र

  'हिंदी, हिंदू, हिदुस्तान' का प्रसिद्ध नारा देने वाले लेखक, कवि, पत्रकार, अनुवादक, समाजसुधारक प्रतापनारायण मिश्र का जन्म 24 सितंबर, 1856 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुआ था. [...]

2018-09-24T16:57:30+05:30

‘दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा’ शताब्दी समारोह का राष्ट्रपति ने किया उद्घाटन

नई दिल्लीः देश की भावनात्मक एकता को मजबूत बनाने में ‘दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा’ जैसे संस्थानों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. स्वाधीनता संग्राम के दौरान स्वदेशी के साथ-साथ [...]

2018-09-24T15:18:12+05:30

मदारीपुर जंक्‍शन का अंग्रेजी, उर्दू और उडि़या में अनुवाद

मदारीपुर जंक्शन के लेखक बालेंदु द्विवेदी को उनके उपन्यास के लिए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से वर्ष 2017 का अमृतलाल नागर पुरस्कार दिया जाएगा। बालेन्दु को यह सम्मान [...]

2018-09-24T15:17:55+05:30

अलका सरावगी के रचना कर्म पर परिचर्चा

वाराणसीः काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग शोधार्थियों के उपक्रम 'रचना समय' ने विभाग के सभागार में चर्चित कथाकार अलका सरावगी के रचना कर्म पर केंद्रित एक परिचर्चा का आयोजन [...]

2018-09-24T14:57:51+05:30

दिनकर जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ भव्य कवि-सम्मेलन

पटना,  राष्ट्र्कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की जयंती पर, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में एक समारोह आयोजित किया गया।   समारोह का उद्घाटन करते हुए, पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश [...]

2018-09-24T14:48:11+05:30

कवि लेखक विष्णु खरे को श्रद्धांजलि

पटना: वरिष्ठ कवि, पत्रकार, अनुवादक और फिल्म समीक्षक विष्णु खरे की स्मृति में प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, हिरावल, अभियान  सांस्कृतिक मंच, जनशब्द, दूसरा शनिवार और समन्वय [...]

2018-09-23T10:47:50+05:30

जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ अब उन्हीं की हस्तलिपि में

नई दिल्लीः यह छायावाद का शताब्दी वर्ष है. छायावाद, यानी हिंदी साहित्य का वह काल जिसका उत्थान 1918 से 1936 तक, भले ही कम समय के लिए रहा, पर जिसने [...]

2018-09-23T10:37:29+05:30

साहित्यकार कामतानाथ की याद

सशक्त कथा शिल्पी के रूप में हिंदी साहित्य और कलामंच पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले रचनाकार कामतानाथ जन्म 22 सितंबर, 1934 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था. [...]

2018-09-23T10:08:11+05:30
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